BHAV SEVA SANSTHAN (भुवन हृदय आनन्द वृन्दावन सेवा संस्थान )

Radha-Krishna

श्रद्धेय अमरबिहारी जी पाठक ने सनातन धर्म, संस्कृति की सुरक्षा एवं परमार्थ सेवा के उद्देश्य से एक संस्थान की स्थापना (2013) में की। ट्रस्ट के अंतर्गत प्रकल्प, विकल्पों के साथ अनेक पारमार्थिक सेवाएं समायोजित की है। उपरोक्त उद्देश्य की सफलता आप सभी के सहयोग से ही संभव है। अतः संस्थान के सहयोग हेतु सदस्यता ग्रहण कर पुण्य के सहभागी बनें।

The Amar bihari ji pathak has established an institute for the purpose of security of hindu culture and consulting service in 2013. This sansthan has Adjusted to multiple services under project option.The success of this purpose is only possible with the cooperation by all of you. So for help of sansthan join eclipse of membership.

संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न सेवाएं : (This is various facility provided by institute..)

1. गौ सेवा - गौशाला    (Gau seva, Gaushala)
2. शीतल प्याऊ    (Pure and cool water service)
3. निर्धनों के आहार   (Food for the poor)
4. निर्धन कन्याओं के विवाह हेतु सहयोग   (Help for the marriage of poor girls)
5. विशिष्ट विद्वानों का प्रतिवर्ष सम्मान   (Respect of specific scholars per year)
6. धार्मिक उत्सव, भागवत कथा आदि महोत्सवों आयोजन   (Organizes of bhagwat katha on religious festival)
7. दैनिक नामसंकीर्तन, भागवत मूलपाठ, तुलसी सहस्त्रार्चन, अनुष्ठनादि   (Daily kirtan and bhagwat katha)
8. संत , साधु ,वैष्णव सेवा ( अन्न, वस्त्र दान )   (Donation of clothes)

'' दान भोगो नाशास्तिस्त्रो गतयो भवन्ति वित्तस्य ।
   यो न ददाति भुंक्ते तस्य तृतीया गतिर्भवति । । ''

धन की तीन गतियाँ होती हैं : दान, भोग, नाश। भोग हेतु धन की शुद्धि चाहिए और धन की शुद्धि दान से होती है।
There are three speeds of Wealth. donation, enjoyment , undoing. Should purification of money for enjoyment and purification of money is possible by donation.



GAUSHALA ( हरे कृष्ण शरणं गौशाला )

Goushala

प्रिय भागवत रस रसिक एवं गौ भक्तजन ! ( Dear Bhagwat devotees and Gau devotee )

श्री बाँके बिहारी जी की प्रेरणा से गौ-सेवा एवं गौ-संवर्धन को ही सर्वोत्कृष्ट कर्म मानते हुए हम आप सभी गौ-भक्तों के सहयोग से श्रीधाम वृन्दावन की पुण्य भूमि पर चन्द्रोदय मंदिर के अति निकट सुभव्य हरे कृष्ण शरणं गौशाला एवं गौ चिकित्सालय का निर्माण कार्य प्रारम्भ कर रहे हैं। इसका उदघाटन गोपाष्टमी पर करने का है। इस पवन पुनीत गौ सेवा रुपी धार्मिक यज्ञ में अपनी बहुमूल्य आहुति देकर अक्षय पुण्य में सहभागी बनने का सुअवसर प्राप्त करें।

( We are starting a construction of gaushala and Gau hospital near of ' Chandrodaya temple ' in vrindavan. It's inauguration will be at Gopashtmi. You join become colleague in religious yajna. )

गौशाला का प्रमुख उद्देश्य गौवंश की रक्षा करना है क्योंकि गौमाता से हमारे जीवन को बहुत महत्व प्रदान होता है।
( The main objective of gaushala is to protect the cows. Because Gau mata provide great value to our life.)

1. सनातन धर्म का प्रतीक गौमाता है।   ( Gau mata is symbol of Sanatan Dharma.)
2. गौवंश की रक्षा से सनातन धर्म को ताकत मिलती है।   ( Defence of cows gives strength to the Sanatan Dharma.)
3. गौमाता धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष चारों पुरुषार्थ प्रदान करने वाला है।   ( Gau mata provides Dharma, Artha, Kama, Moksha.)

'' न किंचिद् दुर्लभ चैव गवां भक्तस्य भारत ''
गौ सेवा करने वाले भक्त के लिए संसार में कुछ भी दुर्लभ नहीं है। गौ की महिमा अनंत है इसके विषय में जितना लिखा जाये कम है।
Who person does serve the cows. Then nothing rare for him. Cows glory is infinite. it's about much as written is very low always.